डायरेक्ट प्लान बनाम रेगुलर प्लान
हर फंड के दो प्लान होते हैं, जो बिल्कुल एक ही पोर्टफोलियो में निवेश करते हैं। रेगुलर प्लान डिस्ट्रीब्यूटर को कमीशन देता है; डायरेक्ट प्लान नहीं देता।
इसी वजह से डायरेक्ट प्लान का एक्सपेंस रेशियो कम होता है, और समय के साथ उसकी NAV और रिटर्न थोड़े ज़्यादा होते हैं। हमारी फंड रैंकिंग डायरेक्ट प्लान पर आधारित है।
अपडेट: